नाग पंचमी

भारतीय त्योहार‌ अयोध्या क्षेत्र में।

अखिल सिंह

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भारत विविधता का देश है। इस देश में कई धर्म, जाति वा क्षेत्र के लोग रहते हैं । इन सभी लोगों का रंग- रूप , वेश -भूषा ,आचार -व्यवहार ,भोजन साथ ही साथ तीज- त्योहारों में विभिन्नता पाई जाती है इसलिए बड़े बुजुर्ग कहते हैं :-"कोस कोस पर पानी बदले। ३कोस पर वाणी ।।"भारत में समष्टि स्तर के साथ-साथ कई क्षेत्रीय विभिन्नता व्याप्त है। भारत त्योहारों का देश है यहां ईद की नमाज उसे लेकर होली के रंगों का व क्रिसमस की कैंडल से लेकर गुरुद्वारे में गुरबाणी का जो मिश्रण है वह आपको और कहीं नहीं मिलेगा परंतु इन सभी के साथ साथ बनता है एक अनोखा ,अद्भुत तथा अखंड भारत। भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक नाग पंचमी जो कि हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है जो क्षेत्रीय विविधताओं के साथ साथ मनाया जाता है। नाग पंचमी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है ।नाग पंचमी नाग व सर्प की पूजा है जो हमारा प्रकृति के प्रति सम्मान प्रकट करता है तथा सारे जगत को जीवो के प्रति दया व प्रकृति का सम्मान करना सिखाता है। नाग पंचमी मनाने की विभिन्न- विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग कथाएं प्रचलित है ।नाग पंचमी की सुबह उठकर घर की साफ सफाई की जाती है तथा हमारे क्षेत्र में भीगे चने चावल के लावे को गाय के कच्चे दूध के साथ नाग देवता को चढ़ाया जाता है। इस दिन शिव जी के मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है ;मान्यता है कि नागदेव शिवजी के गले का हार है व शिवजी को प्रिय है इसलिए शिवजी की आराधना से नागदेव के साथ-साथ शिवजी के परिवार का आशीष प्राप्त होता है ,जिससे आरोग्य व जीवन में सुख-समृद्धि आती है ।इस दिन हमारे घर में दाल की पूरी ,खीर तथा तरह-तरह की मिठाइयां और पकवान बनते हैं जिसको भगवान को चढ़ाने के बाद सभी प्रसाद स्वरूप खाते हैं ।इस दिन ग्रामीण क्षेत्रों में झूला झूलने की प्रथा बहुत प्रचलित है सभी बच्चे-बड़े इस दिन जरूर झूला झूलते हैं ।ग्रामीण क्षेत्रों में गुड़िया पीटने की प्रथा भी बहुत प्रचलित है बहने रंग-बिरंगे कपड़ों की गुड़िया बनाती है और उसे किसी सरोवर या नदी में फेंकती है जिसे छोटे बच्चे अपने रंग-रोगन की गई डंडे से पानी में पीटते हैं यह दृश्य देखकर हर किसी का मन झूम उठता है। इसी प्रकार नाग पंचमी की पूजा पूरी हो जाती है। वैज्ञानिक तौर पर इसे भले ही आडंबर माना जाए पर धार्मिक व सामाजिक दृष्टि से यह उन तमाम भारतीयों के विश्वास श्रद्धा का प्रतीक है जो सदियों से व्याप्त है।

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